बिलासपुर रेंज में ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ को धार, IG गर्ग ने जारी कीं गुंडा-बदमाशों की नई SOP
एक गुंडा-एक जवान’ नीति लागू, सक्रिय अपराधियों पर होगी सख्त निगरानी
बिलासपुर। अपराधों की रोकथाम और ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ को प्रभावी बनाने के लिए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में मंगलवार को उच्च स्तरीय ऑनलाइन पुलिस कार्यशाला का आयोजन किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर रेंज के मीटिंग हॉल में हुई इस बैठक में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी और थाना प्रभारी शामिल हुए। कार्यशाला में सक्ती पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने ‘गुंडा एवं निगरानी बदमाश’ विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया।
अपराधियों का सटीक वर्गीकरण
पुलिस रेगुलेशन पैरा 855-860 के तहत आदतन चोर/लुटेरे को A-Class और मारपीट, रंगदारी, भू-माफिया को B-Class गुंडा में वर्गीकृत किया जाएगा। सभी का बायोडाटा, फोटो, फिंगरप्रिंट और बैंक खाते अपडेट रखने के आदेश दिए गए। गंभीर अपराधियों की ‘गैंग हिस्ट्री शीट’ भी बनेगी।
एक गुंडा –एक जवान’ नीति*
हर बदमाश की निगरानी के लिए एक पुलिसकर्मी जिम्मेदार होगा। जमानत के बाद दोबारा अपराध करने पर BNSS धारा 480 के तहत तुरंत जमानत निरस्त होगी। धारा 110 BNSS, 20-50 हजार का बाउंड ओवर, जिला बदर और PIT NDPS के तहत भी कार्रवाई होगी। फरार आरोपियों को Natgrid और CDR से ट्रैक किया जाएगा।
3. सरप्राइज चेकिंग और SOP
बदमाशों की चेकिंग का समय अनिश्चित रखा जाएगा। चेकिंग टीम 2-3 सदस्यों की होगी और टॉर्च शरीर से दूर रखी जाएगी। बदमाशों की आय और रहन-सहन का मिलान भी किया जाएगा।
4. रिकॉर्ड और डिजिटल तालमेल
रोजनामचा में रवानगी-वापसी की क्रॉस एंट्री, रजिस्टर-7, परवाना फाइल और A-Z रजिस्टर संधारण अनिवार्य। बीट जवानों के लिए A, B नोटबुक और ‘C Notebook’ पुनः शुरू होंगे। गांवों के लिए VCNB में कोटवार, प्रतिष्ठित लोग और पेंशनर्स का डेटा रहेगा।
5. मानवाधिकार का ध्यान
सुप्रीम कोर्ट के ‘पुट्टस्वामी केस’ और ‘अमानतुल्लाह खान’ फैसले के अनुसार विमुक्त जनजाति, पिछड़ों और नाबालिगों पर मनमानी कार्रवाई न करने के निर्देश। निजता और मानवाधिकारों का सम्मान जरूरी।
6. सुधार का मौका
जो अपराधी वर्षों से अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं उन्हें निगरानी सूची से हटाया जाएगा, ताकि पुलिस का फोकस सिर्फ सक्रिय अपराधियों पर रहे।
IG का संदेश
IG श्री राम गोपाल गर्ग ने कहा कि “पुलिस का टारगेट सक्रिय बदमाशों पर होना चाहिए ताकि वे अपराध की पुनरावृत्ति न कर सकें। प्रिवेंटिव पुलिसिंग की सफलता कोटवारों, पुलिस-मित्रों और जनता के संवाद पर निर्भर है। नियमों का कड़ाई से पालन कर क्षेत्र को अपराध-मुक्त बनाया जाएगा।”
बैठक के अंत में IG ने सभी SP को निर्देशों की स्वयं मॉनिटरिंग करने की हिदायत दी। कार्यशाला में लगभग 200 अधिकारी- कर्मचारी शामिल हुए।


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