जांजगीर। अयोध्या राम मंदिर निर्माण के चंदे और चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा-RSS पर तीखा हमला बोला है। आज जांजगीर के सर्किट हाउस में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री नोवेल वर्मा ने पत्रकार वार्ता कर केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट से 7 सवाल पूछे। नोवेल वर्मा ने कहा कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था हैं। गरीब, किसान, मजदूर और महिलाओं ने अपनी मेहनत की कमाई राम मंदिर के लिए दी। लेकिन अब वही चंदा और चढ़ावा BJP-RSS की राजनीतिक लूट का शिकार हो गया है। इसे उन्होंने आस्था के नाम पर धोखा बताया। कांग्रेस ने सवाल उठाए जब ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ, तो घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा? अगर सब ठीक था तो चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए? अगर कुछ गलत नहीं हुआ तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से डर कैसा? क्या केंद्र सरकार दोषियों को बचा रही है? क्या केंद्र सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है? अगर सब कुछ पारदर्शी था तो इस्तीफे क्यों हुए?
गिरफ्तारियां शीर्ष स्तर पर क्यों नहीं हुईं? इस संबंध में कांग्रेस की 5 प्रमुख मांग की , उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने स्पष्ट करें कि ट्रस्ट के गठन और निगरानी में PMO की क्या भूमिका रही। चंपत राय, अनिल मिश्रा और पूरे घोटाले में शामिल प्रभावशाली लोगों पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी हो। पूरे प्रकरण की जांच SC की निगरानी में हो ताकि पता चल सके कि किसके संरक्षण में लूट हुई। वर्तमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर धर्माचार्यों और विशेषज्ञों के साथ नया पारदर्शी ट्रस्ट बनाया जाए। राम मंदिर के लिए प्राप्त समस्त चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और खर्चों का पूर्ण फॉरेंसिक ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। नोवेल वर्मा ने कहा “भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। राम के नाम पर जुटाए गए धन की लूट और उस पर पर्दा डालने की हर कोशिश देश की धार्मिक चेतना का अपमान है। प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल , दिनेश शर्मा , इब्राहिम मेमन , गिरधारी यादव , रफीक सिद्धकी , नागेन्द्र गुप्ता , नवल सिंह चंदेल , गौरव सिंह , भगवान दास , देवकुमार पाण्डेय , अजीत राणा , पंकज शुक्ला , रफीक खान आदि प्रमुख कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।

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