बाराद्वार।कुछ दिन पहले एक माँ की गोद सूनी हो गई थी। उड़ीसा से गुमशुदा/अपहृत हुए उसके नाबालिग बेटे के गम में घर का चूल्हा तक ठंडा पड़ गया था। हर पल आंखों में आंसू और दिल में सिर्फ एक दुआ – “मेरा बेटा सकुशल घर आ जाए।”लेकिन थाना बाराद्वार पुलिस ने उस माँ की दुआ कबूल कर ली।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और SDOP डॉ. भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र यादव ने हार नहीं मानी। प्रकरण में थाना बाराद्वार में अपराध क्रमांक 239/26 धारा 137(2) BNS दर्ज कर जांच शुरू हुई। मुखबिर से मिली एक छोटी सी सूचना बाराद्वार पुलिस के लिए उम्मीद की किरण बन गई। बिना एक पल गंवाए TI नरेन्द्र यादव ने अपनी टीम प्रधान आरक्षक अयूब खान और आरक्षक जितेंद्र सिदार के साथ उड़ीसा के लिए कूच किया।दिन-रात की मेहनत, लगातार समन्वय और पुलिस की जिद रंग लाई। आखिरकार बालेश्वर, उड़ीसा से उस नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया।
जब पुलिस टीम बच्चे को लेकर थाना पहुंची, तो माँ की आंखों से खुशी के आंसू रुक नहीं रहे थे। उसने बार-बार पुलिस जवानों के पैर छूकर धन्यवाद किया।
इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ कानून की रक्षक नहीं, बल्कि टूटे हुए घरों को जोड़ने वाली उम्मीद भी है।
बाराद्वार पुलिस की इस तत्परता और मानवता को पूरे क्षेत्र में सराहा जा रहा है।

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