बाराद्वार। शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथि गुरुवार को नगर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। आज सुबह से ही पूरा नगर “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा। देवी मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।




सुबह से लगी कतारें
धर्मशाला मोहल्ला स्थित सिद्धपीठ मां काली मंदिर में आज पंचमी का विशेष महत्व रहा। यहां घी और तेल के सैकड़ों मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित हैं। सुबह 4 बजे मंगला आरती के साथ ही मंदिर के पट खुले और दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। इसके अलावा दुर्गा मंदिर, गुलाब मंदिर, बंजारी माता मंदिर सहित ग्रामीण अंचलों के सभी छोटे-बड़े देवी धामों में भी दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा। माताओं ने उपवास रखकर माता रानी का श्रृंगार, चुनरी, नारियल, श्रृंगार सामग्री अर्पित की।
पंडालों में देर रात तक भीड़
शाम होते ही नजारा और भक्तिमय हो गया। नगर के सभी दुर्गा पंडालों में विद्युत सज्जा और आकर्षक झांकियों को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात 11 बजे तक भी पंडालों में भक्तों का आना-जाना लगा रहा। मंदिरों में दुर्गा सप्तशती, देवी अथर्वशीर्ष, श्रीसूक्त का पाठ और संध्या काल में भव्य महाआरती हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
भक्तिमय हुआ नगर
पूरा बाराद्वार अंचल इन दिनों देवीमय हो चुका है। गली-मोहल्लों में लाउडस्पीकर पर भजन-कीर्तन बज रहे हैं। मंदिरों में फूलों और झालरों की सजावट देखते ही बन रही है। पुलिस और मंदिर समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दर्शन पंक्ति और निकास द्वार की अलग व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि पंचमी पर माता के दर्शन से मनोकामना पूरी होती है। इसी मान्यता के चलते लोग दूर-दराज के गांवों से भी बाराद्वार पहुंच रहे हैं।
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