दो माह से मीसाबंदियों का सम्मान निधि रोका, कलेक्टर ने मिलने से किया इंकार
सक्ती। छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल में जेल गए योद्धाओं का अपमान थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य शासन द्वारा पर्याप्त बजट आवंटन के बावजूद सक्ती जिले के लोकतंत्र सेनानियों, मीसाबंदियों को माह अगस्त- सितम्बर 2026 का लोकनायक जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि आज दिनांक तक प्राप्त नहीं हुई है।
उम्रदराज और बीमारियों से जूझ रहे लोकतंत्र सेनानियों ने इस लचर व्यवस्था से परेशान होकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र प्रेषित कर गुहार लगाई है कि छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों की भांति सक्ती में भी माह के प्रथम सप्ताह में ही, रिटायर्ड शासकीय सेवकों के पेंशन के साथ-साथ मीसाबंदियों का सम्मान निधि भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर के तुगलकी फरमान से मीसाबंदियों में रोष
ज्ञात हो कि अपनी इसी पीड़ा को लेकर लोकतंत्र सेनानी संघ, आपातकाल योद्धा मीसाबंदियों का राष्ट्रीय संगठन, छत्तीसगढ़ का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में दिनांक 18 सितम्बर 2026 को कलेक्टर सक्ती श्रीमती जयश्री जैन से भेंट करने कलेक्ट्रेट पहुंचा था।
बताया जा रहा है कि उम्रदराज सेनानी घंटों तक कलेक्टर से मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन कलेक्टर ने उनसे मिलना तो दूर, एडिशनल कलेक्टर श्री बालेश्वर राम से मिलने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया।
जिन्होंने देश में लोकतंत्र की बहाली के लिए जेल की यातनाएं सहीं, आजादी के उन सिपाहियों के इस अपमान से पूरे जिले के मीसाबंदियों में भारी रोष व्याप्त है।
जिलाध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ गोपाल शर्मा ने कहा है कि अगर शीघ्र सम्मान निधि जारी नहीं हुई और जिला प्रशासन का रवैया नहीं बदला तो लोकतंत्र सेनानी संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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