SECR महाप्रबंधक का बाराद्वार दौरा

यात्री सुविधाओं पर दिया सहयोग का भरोसा, ट्रेन ठहराव और अंडरब्रिज की मांग पर परीक्षण का आश्वासन

बाराद्वार।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर जोन के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश गुरुवार को अल्प प्रवास पर बाराद्वार पहुंचे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत उन्होंने बाराद्वार रेलवे स्टेशन और वे-ब्रिज का निरीक्षण किया।
इस दौरान रेल मोर्चा के अध्यक्ष शिव शर्मा, संरक्षक ओमप्रकाश अग्रवाल सहित नपं अध्यक्ष नारायण कुर्रे , जिपं सभपति आयुष शर्मा एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। निरीक्षण के पश्चात महाप्रबंधक ने रेल मोर्चा समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा की और उनकी मांगों पर समुचित सहयोग का आश्वासन दिया।

पत्रकारों से चर्चा में GM ने कहा – मांगों पर होगा विचार
पत्रकारों से बातचीत करते हुए महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने बताया कि बाराद्वार में यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी मांगें रखी हैं। रेल मोर्चा द्वारा वर्षों से लंबित साउथ बिहार, हीराकुंड, गोंडवाना और शालीमार एक्सप्रेस के बाराद्वार में ठहराव की मांग पर उन्होंने कहा कि इस पर हर संभव सहयोग किया जाएगा। इसके अलावा बाराद्वार में प्रस्तावित ओवर ब्रिज के संबंध में उन्होंने बताया कि उनके अधिकारी लोक निर्माण विभाग के संपर्क में हैं और जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। बाराद्वार से लगे ग्राम भगोडीह और सकरेली में रेल समपार बंद होने से ग्रामीणों को हो रही परेशानी के मुद्दे पर भी उन्होंने यथोचित परीक्षण का भरोसा दिलाया।

भीड़ में खो गई एकजुटता
हर बार की तरह इस बार भी दौरे के दौरान खुद को जननेता बताने वाले कई चेहरों की भीड़ नजर आई। कई ऐसे लोग भी GM के करीब दिखने की होड़ में लगे रहे, जिनका जमीनी जनता से कोई सीधा सरोकार नहीं है। पब्लिक डिमांड और नेताओं के एप्रोच के सहारे करीब दिखने की इस कोशिश में वास्तविक मुद्दे उठाने वाले लोग पीछे छूट गए।

विकास के मुद्दे पर एकजुट नहीं जनप्रतिनिधि
बाराद्वार का दुर्भाग्य है कि यहां विकास के मुद्दे पर भी जनप्रतिनिधि एक मंच पर नहीं आ पाते। कुछ महीनों के अंतराल में SECR महाप्रबंधक दूसरी बार बाराद्वार पहुंचे, इसकी जानकारी सभी को थी, बावजूद इसके किसी ने सामूहिक बैठक कर एक संयुक्त मांग पत्र सौंपना जरूरी नहीं समझा। यदि सभी दल और संगठन मिलकर एक ताकत के रूप में अपनी मांग रखते तो GM पर दबाव भी बनता और बाराद्वार को एक अच्छा संदेश जाता। लेकिन खुद को दिखाने की होड़ में सबके हाथ में अलग-अलग मांगों की पर्ची नजर आई। ऐसे में बाराद्वार के विकास का सपना कब पूरा होगा, यह समय ही तय करेगा।


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