आस्था का सैलाब: दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में कल लगेगा शुद्ध घी का रोट प्रसाद

बाराद्वार। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष में नगर के आराध्य दक्षिणमुखी सिद्ध हनुमान मंदिर में आस्था का महापर्व मनाया जाएगा। मंदिर में कल शनिवार 18 जुलाई को वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार सामूहिक रोट प्रसाद का आयोजन होगा। मंदिर समिति ने आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों, झालरों और विद्युत साज-सज्जा से आकर्षक रूप से सजाया गया है। इस बार प्रसाद के लिए बड़ी मात्रा में शुद्ध घी, गेहूं का आटा और शक्कर मंगाई गई है। मांगलिक कार्यक्रम
की सुबह शनिवार को 9:30 बजे से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में आना शुरू हो जाएगा। सुबह 10 बजे विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन संपन्न होगा। इसके बाद 11 बजे हनुमान जी को रोट यानी शुद्ध घी से बना चूरमा का विशेष भोग लगाया जाएगा और महाआरती की जाएगी। दोपहर 12 बजे से प्रसाद वितरण प्रारंभ होगा जो शाम तक जारी रहेगा।

क्या है रोट प्रसाद की मान्यता
मंदिर के पुजारी ने बताया कि रोट प्रसाद बनाने की परंपरा 90 साल से अधिक पुरानी है। इसे देशी घी में धीमी आंच पर सेंका जाता है और फिर बूरा मिलाकर चूरमा बनाया जाता है। मान्यता है कि इस प्रसाद को ग्रहण करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और संकट दूर होते हैं।

नेताओं की भी पहली पसंद
दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की ख्याति पूरे क्षेत्र में है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु मन्नत मांगने आते हैं। खास बात ये है कि चुनाव के समय यहां नेताओं की कतार लग जाती है। जीत की कामना लेकर मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि सबसे पहले यहीं मत्था टेकते हैं। नगर में शादी, गृह प्रवेश या कोई भी शुभ कार्य हो, पहला निमंत्रण पत्र हनुमान जी के नाम का ही निकाला जाता है। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करें और पुण्य के भागी बनें।


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